चार सौ किताबों के लेखक!
जीवन भर धार्मिक मामलों और मुद्दों पर कलम चलाने वाले!
देश में बहुसंख्यक वर्ग की धार्मिक जागृति पर जीवन भर काम करने वाले!
दौलत की भरमार, रिकॉर्ड के अनुसार अस्सी करोड़ की संपत्ति!
दुनिया भर में संबंध, यहाँ तक कि देश के गृहमंत्री व्यक्तिगत रूप से फोन करते रहते थे!
लेकिन:
वंचना (महरूमी) की इंतहा देखिए!
आँखिरी उम्र में कोई साथ रहने वाला नहीं!
बच्चे और तमाम घर वाले अपनी दुनिया में व्यस्त!
उम्र के आखिरी दिन ओल्ड एज होम (वृद्धाश्रम) में बिताए!
अंतिम संस्कार तक में बच्चे आने के लिए समय नहीं निकाल सके!
यह कहानी है, श्री राम खंडेलवाल की!
हकीकत यह है कि आपके पास कुछ भी नहीं है, अगर:
आपका घर नैतिकता और मूल्यों (अख्लाक़ व इक़्दार) से महरुम है!
आपका घर पारिवारिक परंपराओं से महरुम है!
आपके घर में खूनी रिश्तों का कोई मान-सम्मान और लिहाज़ नहीं है!
यही कारण है कि क़ुरआन मजीद में:
घर और परिवार का ज़िक्र बार-बार आया है।
घरेलू और पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं का ज़िक्र बार-बार आया है।
खूनी रिश्तों का ज़िक्र बार-बार आया है।
और खूनी रिश्तों के सम्मान और उनकी पासदारी (रक्षा) का ज़िक्र बार-बार आया है।