"बेल्जियम की एक 92 वर्षीय महिला ने अपने मुस्लिम पड़ोसी के उत...
Ummah Post
9 June, 2025

"बेल्जियम की एक 92 वर्षीय महिला ने अपने मुस्लिम पड़ोसी के उत्तम चरित्र (حسنِ اخلاق), निष्पक्षता और व्यवहार से प्रभावित होकर इस्लाम स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि उनके पड़ोसी हमेशा उनके साथ प्यार और सम्मान से पेश आते थे, जिसने उन्हें इस्लाम की ओर आकर्षित किया। इस्लाम स्वीकार करने के बाद उन्हें दिल का सुकून और आध्यात्मिक संतुष्टि मिली। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि बेहतरीन चरित्र और अच्छा व्यवहार दिलों को बदल सकता है, और वास्तविक प्रचार कर्म (अमल) के माध्यम से होता है।"

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सहाबा की शान पर एक अनोखा लेख
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सहाबा की शान पर एक अनोखा लेख

लेखक: मुहद्दिस-ए-अस्र अल्लामा सैयद मुहम्मद यूसुफ बनूरी (रहमतुल्लाह अलैह) बात तो बिल्कुल साफ है कि सहाबा (पैगंबर के साथी) जैसे भी हों, मगर वे तुम से तो अच्छे ही होंगे। तुम हवा में उड़ लो, आसमान पर पहुँच जाओ, सौ बार मर कर जी लो, मगर तुम से सहाबी तो नहीं बना जा सकेगा। तुम आखिर वह आँख कहाँ से लाओगे ज...