"‏ لبَّيكَ والقلبُ السَجينُ بَأضلُعِي
يَشتاقُ مَكة و المَآذ...
Ummah Post
9 June, 2025

"‏ لبَّيكَ والقلبُ السَجينُ بَأضلُعِي

يَشتاقُ مَكة و المَآذنَ و الحَرمْ "

"लब्बैक (हाज़िर हूँ ऐ अल्लाह)! और मेरा क़ैदी दिल मेरी पसलियों में बंद है, वह मक्का, मीनारों और हरम की तीव्र तड़प (चाहत) रखता है।"

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सालगिरह (जन्मदिन) मनाने की शरई हैसियत
लेख

सालगिरह (जन्मदिन) मनाने की शरई हैसियत

आज पूरी दुनिया में मुसलमानों पर आफ़ात और मुसीबतें उमड़-उमड़ कर आ रही हैं। अगर इसकी वजह यह बताई जाए तो गलत न होगा कि यह मुसीबत बुराइयों, बेपर्दगी, अजनबी पुरुषों का अजनबी महिलाओं से मेलजोल और दीन (धर्म) में नए-नए खुराफातों के दाखिले का नतीजा है। यह यहूदियों के नापाक मंसूबे हैं कि मुसलमानों के अंदर से...