"ऐ नौजवानों! आख़िरत को अपने ऊपर लाज़िम (अनिवार्य) कर लो। हमन...
Ummah Post
9 June, 2025

"ऐ नौजवानों! आख़िरत को अपने ऊपर लाज़िम (अनिवार्य) कर लो। हमने ऐसे तो बहुत देखे जिन्होंने आख़िरत को चाहा और साथ में उन्हें दुनिया भी नसीब हो गई, लेकिन ऐसा कोई एक भी न देखा जिसने दुनिया को चाहा हो और उसके साथ उसे आख़िरत भी मिल गई हो।"

— हसन बसरी (रहमहुल्लाह)

[अल-वसाया अस-सल्फ़ लिश-शबाब - अल-बयहक़ी फ़ी अज़-ज़ुहद (12)]

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ईसाई धर्म का सांस्कृतिक आक्रमण!!
लेख

ईसाई धर्म का सांस्कृतिक आक्रमण!!

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