गाजा के मजलूम (पीड़ित) और महसूर (घेराबंदी में फंसे) अवाम (लो...
Ummah Post
12 June, 2025

गाजा के मजलूम (पीड़ित) और महसूर (घेराबंदी में फंसे) अवाम (लोगों) के हक में निकाला गया “काफिला-ए-सुमूद” (दृढ़ता का काफिला) अपने लंबे लेकिन महान सफर पर रवां-दवां (गतिशील) है। यह काफिला आज सुबह अल्जीरिया से ट्यूनीशिया पहुंच चुका है, और अब ट्यूनीशिया के तीसरे केंद्रीय पड़ाव, गाबेस प्रांत (صوبہ قابس) में ठहरा हुआ है। इंशाअल्लाह, कल यह काफिला लीबिया की सीमा में दाखिल होगा और गुरुवार तक मिस्र पहुंचेगा।

15 जून को यह काफिला “ग्लोबल मार्च” का हिस्सा बनते हुए रफ़ाह क्रॉसिंग का रुख करेगा, जहां दुनिया भर से जमा होने वाले काफिले मजलूम फिलिस्तीनियों के हक में आवाज बुलंद करेंगे।

यह वैश्विक आंदोलन दरअसल गाजा की लंबी नाकाबंदी, मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन और फिलिस्तीनी जनता के आजादी और जीवन के अधिकार को दुनिया के सामने उजागर करने का एक व्यवस्थित प्रयास है।

आइए! इस कारवां-ए-हुर्रियत (स्वतंत्रता के कारवां) के संदेश को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाने में अपना किरदार निभाएं👇

#قافلة_الصمود

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पांच व्यापक तफ़सीरें (पांच जामे तफ़ासिर)
लेख

पांच व्यापक तफ़सीरें (पांच जामे तफ़ासिर)

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