"बारिश की बूंद सांप और सीप दोनों के मुंह में जाती है। सांप उ...
Ummah Post
13 June, 2025

"बारिश की बूंद सांप और सीप दोनों के मुंह में जाती है। सांप उसे ज़हर बनाता है और सीप उसे मोती। जैसी जिसकी पैदाइश (तखलीक़), वैसा उसका अमल..."

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इल्म (ज्ञान) का बदसूरत आशिक़
लेख

इल्म (ज्ञान) का बदसूरत आशिक़

असली नाम अम्र बिन महबूब था, 160 हिजरी में पैदा हुए और 'जाहिज़' के लक़ब (उपाधि) से मशहूर हुए। अरबी में जाहिज़ उसे कहते हैं जिसकी आँखों के ढेले (पुतलियाँ) बाहर की ओर उभरे हुए हों। शुरुआत में वे इस लक़ब को नापसंद करते थे, लेकिन रफ़्ता-रफ़्ता (धीरे-धीरे) ख़ामोश हो गए। शायद ही किसी के रूप-रंग का इस तर...