"ज़िंदगी एक मिनट में नहीं बदलती, लेकिन कभी-कभी एक मिनट सोचकर...
Ummah Post
13 June, 2025

"ज़िंदगी एक मिनट में नहीं बदलती, लेकिन कभी-कभी एक मिनट सोचकर लिया गया फ़ैसला ज़िंदगी बदल देता है।"

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चौधरी साहब का त्याग और धार्मिक विद्वानों से प्रेम
लेख

चौधरी साहब का त्याग और धार्मिक विद्वानों से प्रेम

...मदरसा के छात्रों के लिए एक चौधरी साल भर का गेहूं मदरसा के लिए वक्फ (दान) करता था। किसी शरारती (द्वेषी) शख्स ने मौलाना साहब के बारे में दुश्मनी और नफरत का इजहार ऐसा किया कि पता मालूम करते-करते चौधरी के घर पहुंच गया और कहने लगा: "चौधरी साहब! मदरसे जाकर पता तो करें कि छात्रों के नाम पर क्या खियान...