"यह उम्र भर का सफ़र (मुसाफ़त) है, दिल बड़ा रखना।"
Ummah Post
16 June, 2025

"यह उम्र भर का सफ़र (मुसाफ़त) है, दिल बड़ा रखना।"

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यहूदी के शागिर्द (चेले): एक व्यंग्यात्मक कहानी
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एक यहूदी ने रूस छोड़कर इज़राइल में बसने की अनुमति ली और रूस से रवाना हुआ। एयरपोर्ट पर जब उसके सामान की तलाशी ली गई, तो लेनिन की एक मूर्ति बरामद हुई। इंस्पेक्टर ने पूछा: "यह क्या है?" यहूदी ने कहा: "जनाब, आपने गलत सवाल किया! आपको पूछना चाहिए था कि 'यह कौन है?' यह लेनिन हैं, जिन्होंने समाजवाद के ज...