यह हिरन जिसकी तस्वीर आप देख रहे हैं, यह वास्तविक तस्वीर है…...
Ummah Post
16 July, 2025

यह हिरन जिसकी तस्वीर आप देख रहे हैं, यह वास्तविक तस्वीर है…

इसके सींग बड़े, खूबसूरत और मजबूत थे — गर्व (फख्र) का प्रतीक थे!

लेकिन एक दिन इन्हीं सींगों ने इसे बर्बाद कर दिया।

सींग लोहे के तारों में फंस गए,

हिरन छटपटाता रहा, मगर निकल न सका…

तड़प-तड़प कर मर गया!

और दरिंदों ने जहाँ तक पहुँच सके, इसके गोश्त को नोच डाला।

जो चीज़ हमारी ताकत है, अगर उस पर ग़ुरूर (अहंकार) आ जाए तो वही चीज़ हलाकत (विनाश) का कारण बन जाती है।

सींग बचाव के लिए थे, मगर ग़ुरूर ने उन्हें मौत का ज़रिया बना दिया।

इसलिए दुनिया में अपनी ज़ाहिरी ताकत, जो कि अल्लाह की दी हुई नेमत है, उस पर मसरूर (घमंडी) नहीं होना चाहिए बल्कि शुक्र अदा करना चाहिए, वरना दुनिया में भी ज़िल्लत और आख़िरत में भी ज़िल्लत उठानी पड़ेगी।

*हदीस-ए-नबवी (ﷺ) है:*

*"जो व्यक्ति ज़र्रा बराबर भी तकब्बुर (घमंड) करेगा, वह जन्नत में दाखिल नहीं होगा।"*

*(सहीह मुस्लिम)*

आजिज़ी (विनम्रता) इख़्तियार करो, फख्र नहीं…

क्योंकि जो झुकता है, वह बच जाता है…

और जो अकड़ता है, वह फंस कर ख़त्म हो जाता है!

अल्लाह तआला हमें मुसीबतों, तकलीफ़ों और परेशानियों पर सब्र और नेमतों पर शुक्र अदा करने की तौफ़ीक़ नसीब फ़रमाए, आमीन।

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