ज़रा मुस्कुराइए.. 🙂

एक व्यक्ति ने अम्र बिन क़ैस से पूछा:...
Ummah Post
11 August, 2025

ज़रा मुस्कुराइए.. 🙂

एक व्यक्ति ने अम्र बिन क़ैस से पूछा: "अगर मस्जिद से निकलने के बाद इंसान देखे कि मस्जिद की कंकड़ी उसके जूते, कपड़े या माथे पर लगी हुई है, तो क्या किया जाए?"

अम्र बिन क़ैस ने फ़रमाया: "उसे फेंक दो।"

वह व्यक्ति बोला: "लोगों का मानना है कि वह तब तक चीखती रहती है जब तक कि उसे मस्जिद में वापस न पहुँचा दिया जाए!"

अम्र बिन क़ैस ने जवाब दिया: "उसे चीखने दो, यहाँ तक कि उसका गला (हलक़) फट जाए!"

उसने कहा: "क्या उसका भी कोई गला होता है?"

अम्र बिन क़ैस बोले: "तो फिर वह चीखती कहाँ से है?!"

Share this article
कुत्तों के लिए कुर्बानी न कीजिए खुदारा...!! (ईद-उल-अज़हा की एक झकझोर देने वाली कहानी)
लेख

कुत्तों के लिए कुर्बानी न कीजिए खुदारा...!! (ईद-उल-अज़हा की एक झकझोर देने वाली कहानी)

यह घटना एक मध्यमवर्गीय परिवार से जुड़ी है। एक पिता की दास्तान सुनिए जो कुर्बानी करने में असमर्थ है। "बाबा.... बाबा .... हमें भी गोश्त मिलेगा ना?" मैंने कहा: "हाँ-हाँ, क्यों नहीं, बिल्कुल मिलेगा।" "लेकिन बाबा ....पिछली ईद पर तो किसी ने भी हमें गोश्त नहीं दिया था, अब तो पूरा साल हो गया है गो...