"अल्लाह पर भरोसा उस फूल की तरह रखें जो रास्ते के किनारे उगता...
Ummah Post
20 August, 2025

"अल्लाह पर भरोसा उस फूल की तरह रखें जो रास्ते के किनारे उगता है___

जिसे न किसी ने बोया होता है, न कोई राहगीर उसे पानी देता है,

अल्लाह ही उसका ख़्याल रखता है!🌷"

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हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) का एक वाक़या और पिता के मित्रों का सम्मान
लेख

हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) का एक वाक़या और पिता के मित्रों का सम्मान

हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) एक बार सफ़र पर जा रहे थे, ग़ालिबन (शायद) हज या उमरे का सफ़र था। साहिबे-हैसियत (धनी) अरबों की आदत के मुताबिक़, आप सफ़र पर जाते हुए सवारी के ऊँट के साथ एक खच्चर नुमा गधा भी ले गए (अरबों के गधे हमारे यहाँ के गधों की तरह नहीं होते, बल्कि हमारे यहाँ के खच्चर...