क़ुरआन पाक और इस्लाह (सुधार)

इमाम शाफ़ई (रहमतुल्लाह अलैह)...
Ummah Post
21 August, 2025

क़ुरआन पाक और इस्लाह (सुधार)

इमाम शाफ़ई (रहमतुल्लाह अलैह) ने अपने शागिर्द (शिष्य) रबी बिन सुलैमान (रहमतुल्लाह अलैह) को वसीयत (नसीहत) करते हुए फ़रमाया:

"जब तुम अपने दिल, या अपने बेटे, या अपने भाई, या जिस किसी के लिए भी चाहो कि उसकी इस्लाह (सुधार) हो जाए; तो उसे क़ुरआन के बाग़ में छोड़ दो। क़ुरआन की सोहबत (संगति) में अनक़रीब (शीघ्र ही) अल्लाह तआला उसकी इस्लाह कर देगा; चाहे वह शख़्स खुद चाहे या न चाहे!"

(हिल्यत उल-औलिया अबू नुऐम: 9/123)

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