"आज लोगों से भलाई की उम्मीद न करो, सिर्फ इतनी गुज़ारिश करो क...
Ummah Post
27 August, 2025

"आज लोगों से भलाई की उम्मीद न करो, सिर्फ इतनी गुज़ारिश करो कि वे तकलीफ न पहुँचाएँ। जो तुम्हें अज़ियत (दुख) देने से बाज़ (दूर) रहता है, वह ऐसा ही है जैसे उसने तुम्हें इनामों से नवाज़ दिया हो।"

- अबू मुआविया बिन कुर्रह (रह.)

[तारीख़-ए-दमिशक़: 59/270]

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लेख

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