"जब तक काम मुकम्मल (पूरा) न हो जाए किसी को उसके बारे में न ब...
Ummah Post
27 August, 2025

"जब तक काम मुकम्मल (पूरा) न हो जाए किसी को उसके बारे में न बताना, यही (हसद और नज़र-ए-बद से बचने का) क़ानून है।"

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एक वकील का इब्रतनाक़ (शर्मनाक) अंजाम
लेख

एक वकील का इब्रतनाक़ (शर्मनाक) अंजाम

एक वकील साहब अदालतों में लोगों की पहली पसंद (ترجیح) होते थे। फीस लाखों में थी... बड़े-बड़े अपराधियों (मुजरिमों) को बरी करवा लिया करते थे... आइए! अब उनका इब्रतनाक़ (عبرتناک - शिक्षाप्रद/शर्मनाक) अंजाम पढ़िए... फिर वक़्त बदलता है, उनकी उम्र ढल जाती है और वह बूढ़े हो जाते हैं। आँखों की रोशनी (بینائی)...