لعل خمارك وثوبك الفضفاض 
يكونوا سبباً لحب إحداهنّ في التعفف...
Ummah Post
28 August, 2025

لعل خمارك وثوبك الفضفاض

يكونوا سبباً لحب إحداهنّ في التعفف !

"शायद तुम्हारा ख़िमार (पर्दा) और तुम्हारा ढीला लिबास किसी के लिए पाकदामनी (पवित्रता) की मोहब्बत की वजह बन जाएं!"

Share this article
हज़रत हकीम-उल-इस्लाम क़ारी मोहम्मद तय्यब साहब रहमतुल्लाह अलैह, "नाश्तह" (नाश्ता) और एक बंगाली छात्र
लेख

हज़रत हकीम-उल-इस्लाम क़ारी मोहम्मद तय्यब साहब रहमतुल्लाह अलैह, "नाश्तह" (नाश्ता) और एक बंगाली छात्र

डॉ. ताबिश मेहदी अपनी आत्मकथा में लिखते हैं, हमारे बुज़ुर्ग दोस्त स्वर्गीय मुफ्ती अब्दुल रऊफ मुंसिफ मुबारकपुरी ने अपने छात्र जीवन की एक घटना एक से अधिक बार सुनाई थी। उन्होंने बताया था कि चूंकि दारुल उलूम देवबंद में नाश्ते की व्यवस्था कभी नहीं रही है, इसलिए जो छात्र नाश्ता करना चाहते हैं, वे अपने-अपने...