"यह गिलास पहले इतना ख़तरनाक नहीं था, जितना यह टूटने के बाद ख...
Ummah Post
29 August, 2025

"यह गिलास पहले इतना ख़तरनाक नहीं था, जितना यह टूटने के बाद ख़तरनाक है। टूटने के बाद हर रिश्ता ख़तरनाक हो जाता है, लिहाज़ा साज़िश करने से पहले जान लो कि साज़िश से रिश्ते टूटते हैं और टूटे रिश्ते ख़तरनाक होते हैं।"

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केवल किताबी ज्ञान की हक़ीक़त: सल्फ़ (पूर्वजों) का दृष्टिकोण
लेख

केवल किताबी ज्ञान की हक़ीक़त: सल्फ़ (पूर्वजों) का दृष्टिकोण

मौलाना फ़ैसल अहमद साहब नदवी भटकली लिखते हैं: हमारे उलेमा-ए-सल्फ़ (पूर्वज विद्वान) केवल किताबी ज्ञान को कोई महत्व नहीं देते थे, यानी अगर किसी के उस्ताद और मशाईख़ (गुरु) न हों और उसने केवल किताबों से कुछ ज्ञान प्राप्त किया हो, तो उसे कोई महत्व नहीं दिया जाता था। इस्लामी इतिहास में कुछ ऐसे लोग गुज़र...