*مَنْ جَمُلَتْ سَرِيرَتُهُ، جَمُلَتْ سَيْرَتُهُ.*

"जिसका...
Ummah Post
31 August, 2025

*مَنْ جَمُلَتْ سَرِيرَتُهُ، جَمُلَتْ سَيْرَتُهُ.*

"जिसका बातिन (अंतर्मन) खूबसूरत हो, उसका ज़ाहिर (बाहरी रूप) भी खूबसूरत लगता है।"

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'तन्बीहुल ग़ाफ़िलीन' की नसीहतें और इब्रतनाक हिकायात
लेख

'तन्बीहुल ग़ाफ़िलीन' की नसीहतें और इब्रतनाक हिकायात

❶ एक ज़ाहिद (वैरागी) का क़िस्सा मंकूल (वर्णित) है कि वह रोटी के बिना सिर्फ़ सब्ज़ी और नमक वगैरह खा लेते थे। किसी ने कहा, "बस आप इसी पर गुज़ारा करते हैं?" उन्होंने फ़रमाया, "मैं अपनी दुनिया जन्नत (स्वर्ग) के लिए बना रहा हूँ और तू इसे बैतुल ख़ला (शौचालय) के लिए बनाता है। यानी, तू पसंदीदा खाने खाकर उन्...