"बेहतरीन बदला यह है कि कोई बदला न लो, खुद को संभालो, आगे बढ़...
Ummah Post
1 September, 2025

"बेहतरीन बदला यह है कि कोई बदला न लो, खुद को संभालो, आगे बढ़ो और उन जैसे मत बनो जिन्होंने तुम्हें तकलीफ दी थी।"

— इस्लामिक ट्यूब ऐप 🥀

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रश्क के क़ाबिल एक वाक़िया
लेख

रश्क के क़ाबिल एक वाक़िया

एक तुर्क मुसलमान मस्जिद-ए-नबवी शरीफ़ के अहाते (प्रांगण) में खड़े होकर अपना आँखों देखा वाक़िया इस तरह बयान करता है: मैं मस्जिद-ए-नबवी में खड़ा देख रहा था कि चार पुलिसवाले किसी का इंतज़ार कर रहे हैं। फिर एक शख़्स नमूदार (प्रकट) हुआ तो पुलिसवालों ने भागकर उसे क़ाबू में कर लिया और उसके हाथ जकड़ लिए।...