एक नौजवान जो संविधान, लोकतंत्र और समानता की बात करता है ..उस...
Ummah Post
2 September, 2025

एक नौजवान जो संविधान, लोकतंत्र और समानता की बात करता है ..उसे न्याय से वंचित रखा जा रहा है।

सवाल ये है: क्या हमारे देश में विचारधारा ही अपराध बन चुकी है?

Share this article
आज ही तो ग़रीबी का असली मज़ा मिला है
लेख

आज ही तो ग़रीबी का असली मज़ा मिला है

एक गाँव में एक ग़रीब नाई रहा करता था जो एक पेड़ के नीचे कुर्सी लगाकर लोगों की हजामत (बाल-दाढ़ी) बनाया करता था। उसकी गुज़र-बसर बहुत मुश्किल से हो रही थी। उसके पास रहने को न कोई घर था, न पत्नी थी और न ही बच्चे थे। सिर्फ़ एक चादर और एक तकिया ही उसकी कुल संपत्ति थी। जब रात होती, तो वह एक बंद पड़े स्कूल...