"परिंदे चींटियों को खाते हैं और जब वे मर जाते हैं तो चींटिया...
Ummah Post
6 October, 2025

"परिंदे चींटियों को खाते हैं और जब वे मर जाते हैं तो चींटियाँ उन्हें खा जाती हैं। हालात बदल सकते हैं, इसलिए किसी को हकीर (छोटा) मत समझो। आज आप मजबूत (शक्तिशाली) हो सकते हैं, लेकिन याद रखो समय आपसे ज़्यादा मजबूत है..." 💯

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नमाज़ की बरकत और इंसान की फ़ितरत
लेख

नमाज़ की बरकत और इंसान की फ़ितरत

आज फज्र के बाद मैं तिलावत (कुरान का पाठ) कर रहा था तो सूरह अल-मआरिज की एक आयत पर आकर रुक सा गया। बात इंसान की तख़्लीक़ (सृष्टि) के बारे में थी कि इंसान असल में पैदा कैसा हुआ है। आयत थी: "इन्नल इंसाने ख़ुलिक़ा हलूआ" (बेशक इंसान बहुत कम हौसला पैदा किया गया है) हक़ीक़त यह है कि इंसान में सब्र और...