दारुल उलूम देवबंद के कुछ सम्मानित और प्रतिष्ठित शिक्षकों की...
Ummah Post
7 October, 2025

दारुल उलूम देवबंद के कुछ सम्मानित और प्रतिष्ठित शिक्षकों की व्यावसायिक (व्यापारिक) गतिविधियाँ:

हज़रत मौलाना मुफ़्ती अबुल क़ासिम नोमानी (दारुल माआरिफ़ अन-नोमानिया)

हज़रत मौलाना अर्शद मदनी साहब (शेख़ुल इस्लाम एकेडमी और मोहल्ला ख़ानक़ाह देवबंद में स्थित मकान में सड़क की तरफ़ किराए पर कई बड़ी-बड़ी दुकानें वग़ैरह)

हज़रत मौलाना मुफ़्ती अमीन पालनपुरी (अल-अमीन किताबिस्तान)

हज़रत मौलाना नेमतुल्लाह आज़मी साहब (मक्तबा नेमत)

हज़रत मौलाना मुफ़्ती मोहम्मद सलमान मन्सूरपूरी (मक्तबा अत-तज़्कीर)

हज़रत मौलाना मोहम्मद साजिद हरदोई (दारुल मनार)

हज़रत मौलाना मुफ़्ती मोहम्मद नसीम बाराबंकवी (मक्तबा दावतुल क़ुरआन)

हज़रत मौलाना मुजीबुल्लाह गोन्डवी (अमान बुक डिपो)

हज़रत मौलाना मोहम्मद हुसैन हरिद्वार (मक्तबा अल-अतहर)

हज़रत मौलाना आरिफ़ जमील मुबारकपूरी (मक्तबा इल्मिया)

हज़रत मौलाना मुफ़्ती अशरफ़ अब्बास साहब (मक्तबा इब्ने अब्बास)

हज़रत मौलाना मुफ़्ती इश्तियाक़ साहब (मक्तबा अदीब)

हज़रत मौलाना मुसलेहुद्दीन साहब (रयान बुक डिपो)

हज़रत मौलाना कलीमुद्दीन कटकी (मक्तबा अल-फ़ारूक़)

हज़रत मौलाना मुफ़्ती अब्दुल्लाह मारूफ़ी (मक्तबा उस्मानिया)

हज़रत मौलाना मोहम्मद अली बिजनोरी (इदारा अस्-सिद्क़)

हज़रत मौलाना मोहम्मद अर्शद मारूफ़ी (सना पब्लिकेशन्स)

हाल ही में वफ़ात (स्वर्गवास) पाने वाले कुछ अकाबिर (बुजुर्ग):

मुहद्दिस-ए-कबीर हज़रत मौलाना मुफ़्ती सईद अहमद पालनपुरी (मक्तबा हिजाज़)

अदीब-ए-अरीब हज़रत मौलाना नूर आलम ख़लील अमिनी (इदारा इल्म-ओ-अदब)

हज़रत मौलाना मोहम्मद जमाल बुलन्दशहरी (मक्तबा जमाल)

शारेह हिदाया हज़रत मौलाना जमील अहमद सकरोदवी (मक्तबा अल-बलाग़)

अल्लाह तआला हमारे तमाम उस्तादों की दीनी ख़िदमात (धार्मिक सेवाओं) को क़बूल फ़रमाए, उनकी प्रकाशन और व्यापारिक गतिविधियों में बरकत अता फ़रमाए और उलेमा व अइम्मा (इमामों) को उनकी इस्तताअत (क्षमता) और मौक़े के मुताबिक़ उन्हीं के नक़्श-ए-क़दम पर चलाकर दीनी ख़िदमत के साथ-साथ आर्थिक स्थिरता (मज़बूती) अता फ़रमाए। आमीन।

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मुल्ला नसीरुद्दीन का अमीर तैमूर को अनोखा मशवरा
लेख

मुल्ला नसीरुद्दीन का अमीर तैमूर को अनोखा मशवरा

एक दिन अमीर तैमूर लंग दरबार लगाए बैठा था। दरबारी अदब के साथ अपनी-अपनी जगहों पर खड़े हुए थे। तैमूर ने बगदाद के ख़लीफ़ाओं का हवाला देते हुए कहा, "उनके अलक़ाब (उपाधियाँ) बड़े आलीशान और रौबदार होते हैं। जैसे मुस्तक़ज़िर बिल्लाह, वासिक़ बिल्लाह, मोतसिम बिल्लाह और मुतवक्किल बिल्लाह वगैरह। मैं चाहता हूँ कि...