> من باب الذوق استمع للبشر جيداً، أما من باب الاحتياط، لا تُصدق كل ما يقولون
शालीनता का तक़ाज़ा है कि लोगों की बात ध्यान से सुनो, लेकिन एहतियात (सावधानी) का तक़ाज़ा यह है कि हर बात पर यक़ीन न करो।
> من باب الذوق استمع للبشر جيداً، أما من باب الاحتياط، لا تُصدق كل ما يقولون
शालीनता का तक़ाज़ा है कि लोगों की बात ध्यान से सुनो, लेकिन एहतियात (सावधानी) का तक़ाज़ा यह है कि हर बात पर यक़ीन न करो।