इमाम अहमद बिन हम्बल रहमतुल्लाही अलैहि फ़रमाते हैं:
’’قلَّ ر...
Ummah Post
14 October, 2024

इमाम अहमद बिन हम्बल रहमतुल्लाही अलैहि फ़रमाते हैं:

’’قلَّ رَجُل يَأْخُذ كتابا ينظر فِيہِ إِلَّا اسْتَفَادَ مِنْہُ شَيْئا‘‘

"बहुत कम ही ऐसा होता है कि आदमी कोई किताब पकड़ता है मगर यह कि उसमें से कुछ फ़ायदा पा लेता है।"

यानी: जब भी कोई किताब खोलें तो उसमें से ज़रूर फ़ायदा हासिल होता है। इसलिए किताबों का मुताला (अध्ययन) करते रहा करें।

(अल-इलाल व मआरिफ़त उर-रिजाल लि-अब्दुल्लाह बिन अहमद बिन हम्बल: 2393, तर्जुमा मफ़हूमन)

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लेख

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