गुनाहों को फैलाने का ज़रिया हरगिज़ न बनें, हो सकता है आप तो तौबा (क्षमा) कर लें मगर जिस को गुनाहों पर लगाया है वह आपकी आख़िरत (परलोक) की तबाही का सबब (कारण) बन जाए..
Ummah Post
गुनाहों को फैलाने का ज़रिया हरगिज़ न बनें, हो सकता है आप तो तौबा (क्षमा) कर लें मगर जिस को गुनाहों पर लगाया है वह आपकी आख़िरत (परलोक) की तबाही का सबब (कारण) बन जाए..