तुम्हें है नाज़ लश्कर (सेना) पर, तुम्हें बारूद की नुसरत (सहा...
Ummah Post
2 November, 2024

तुम्हें है नाज़ लश्कर (सेना) पर, तुम्हें बारूद की नुसरत (सहायता),

हमारे साथ है अल्लाह, उसी से अपनी यारी है।

अभी आग़ाज़ (शुरुआत) है आबी, इसे अंजाम (अंत) क्या लिखना!

अभी डॉलर नहीं जीता, अभी तक ख़ून भारी है।

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इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शौक़ और शब-बेदारी / इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शऊर
लेख

इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शौक़ और शब-बेदारी / इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शऊर

इमाम मोहम्मद (रह.) के नाम से कौन नावाक़िफ़ (अपरिचित) है, इन्हीं की किताबों ने हनफ़ी फ़िक़्ह को मुदव्वन (मूर्तरूप/कोडीफाइड) किया, मसलों के दलायल (प्रमाण) जमा किए, इख़्तेलाफ़ी अक़्वाल (मतभेदों) का ज़िक्र किया और दुनिया के अक्सर (अधिकांश) ख़ित्तों (क्षेत्रों) में रायज (प्रचलित) फ़िक़्ह-ए-हनफ़ी को तस्नी...