हज़रत सख़्र (रज़ियल्लाहु अन्हु) बहुत बड़े व्यापारी थे और चूं...
Ummah Post
6 November, 2024

हज़रत सख़्र (रज़ियल्लाहु अन्हु) बहुत बड़े व्यापारी थे और चूंकि रसूलुल्लाह ﷺ ने दुआ फ़रमाई थी:

اللَّهُمَّ بَارِكْ لِأُمَّتِي فِي بُكُورِهَا

"ऐ अल्लाह! मेरी उम्मत को सुबह सवेरे के वक़्त में बरकत दे।"

इसलिए वह हमेशा अपने व्यापार का सामान सुबह सवेरे रवाना फ़रमाते थे और मुनासिब मुनाफ़ा (लाभ) कमाते थे।

(अबू दाऊद, किताब अल-जिहाद, बाब फ़ी अल-इब्तिकार फ़ी अस्-सफ़र)

Share this article
इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शौक़ और शब-बेदारी / इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शऊर
लेख

इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शौक़ और शब-बेदारी / इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शऊर

इमाम मोहम्मद (रह.) के नाम से कौन नावाक़िफ़ (अपरिचित) है, इन्हीं की किताबों ने हनफ़ी फ़िक़्ह को मुदव्वन (मूर्तरूप/कोडीफाइड) किया, मसलों के दलायल (प्रमाण) जमा किए, इख़्तेलाफ़ी अक़्वाल (मतभेदों) का ज़िक्र किया और दुनिया के अक्सर (अधिकांश) ख़ित्तों (क्षेत्रों) में रायज (प्रचलित) फ़िक़्ह-ए-हनफ़ी को तस्नी...