"अपनी आँखों की हिफ़ाज़त यह सोच कर किया करें!  
कि कल बरोज़-...
Ummah Post
11 November, 2024

"अपनी आँखों की हिफ़ाज़त यह सोच कर किया करें!

कि कल बरोज़-ए-महशर (कयामत के दिन) इनसे अपने रब का दीदार करना है।"

*इन शा अल्लाह तआला* ❤️

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केवल किताबी ज्ञान की हक़ीक़त: सल्फ़ (पूर्वजों) का दृष्टिकोण
लेख

केवल किताबी ज्ञान की हक़ीक़त: सल्फ़ (पूर्वजों) का दृष्टिकोण

मौलाना फ़ैसल अहमद साहब नदवी भटकली लिखते हैं: हमारे उलेमा-ए-सल्फ़ (पूर्वज विद्वान) केवल किताबी ज्ञान को कोई महत्व नहीं देते थे, यानी अगर किसी के उस्ताद और मशाईख़ (गुरु) न हों और उसने केवल किताबों से कुछ ज्ञान प्राप्त किया हो, तो उसे कोई महत्व नहीं दिया जाता था। इस्लामी इतिहास में कुछ ऐसे लोग गुज़र...