जज: क्या सबूत है कि तुम गाड़ी तेज़ नहीं चला रहे थे?
 
आरोप...
Ummah Post
12 November, 2024

जज: क्या सबूत है कि तुम गाड़ी तेज़ नहीं चला रहे थे?

आरोपी: जनाब, मैं अपनी पत्नी को लेने ससुराल जा रहा था...

जज: केस खत्म! रिहा करो इस मासूम को!!!! 😎🤭😂😂

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इमाम शाफ़ई (रह.) की मरज़-उल-वफ़ात (अंतिम बीमारी) की हालत
लेख

इमाम शाफ़ई (रह.) की मरज़-उल-वफ़ात (अंतिम बीमारी) की हालत

इमाम मुज़नी (रह.) फ़रमाते हैं: मैं हज़रत इमाम शाफ़ई रहमतुल्लाही अलैहि के पास उनकी मरज़-उल-वफ़ात (अंतिम बीमारी) में हाज़िर हुआ और उनसे अर्ज़ किया: "आपने किस हालत में सुबह की है?" फ़रमाया: "आज दुनिया से रुख़सत होने वाला हूँ, दोस्तों को छोड़ने वाला हूँ, मौत का प्याला पीने वाला हूँ, अपने बुरे आमाल (कर्म...