"लोग अपना असली चेहरा दो सूरतों (स्थितियों) में दिखाते हैं: ए...
Ummah Post
12 November, 2024

"लोग अपना असली चेहरा दो सूरतों (स्थितियों) में दिखाते हैं: एक तब जब उन्हें मालूम हो कि वे अपना मतलब (स्वार्थ) पूरा कर चुके हैं, और दूसरा तब जब वे जानते हों कि वे अपना मतलब कभी पूरा नहीं कर सकेंगे।" 🎭💯

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इल्म-ए-नाफ़े (लाभकारी ज्ञान) की निशानियां
लेख

इल्म-ए-नाफ़े (लाभकारी ज्ञान) की निशानियां

एक सवाल ज़हन में पैदा होता है कि इल्म-ए-नाफ़े (फ़ायदा पहुँचाने वाले ज्ञान) की अलामत (निशानी) क्या होती है? जी हाँ, नफ़ा (लाभ) देने वाला इल्म भी होता है। नबी अलैहिस्सलाम ने हमें दुआ सिखाई है: "ऐ अल्लाह! मैं पनाह माँगता हूँ ऐसे इल्म से जो नफ़ा न देता हो।" चुनाँचे इल्म-ए-नाफ़े की दो अलामतें (निशानियाँ)...