ज़रूरत से ज़्यादा सोचना (ओवरथिंकिंग) तुम्हारी ज़िंदगी की खुश...
Ummah Post
14 November, 2024

ज़रूरत से ज़्यादा सोचना (ओवरथिंकिंग) तुम्हारी ज़िंदगी की खुशियाँ और मुस्कुराहटें सब छीन लेती है। खुद पर थोड़ा रहम करो, यार! हर चीज़ को इतना बड़ा मसला मत बनाओ, थोड़ा रिलैक्स भी कर लिया करो। 🫀✨

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पैदल चलते हुए मुताला (अध्ययन)
लेख

पैदल चलते हुए मुताला (अध्ययन)

अस्लाफ़ (पूर्वजों) के यहाँ शौक़-ए-मुताला (अध्ययन का शौक़) और समय के महत्व का यह आलम था कि पैदल चलते हुए भी किताब का मुताला जारी रहता। इब्न अल-आबनूसी कहते हैं कि अल्लामा ख़तीब बग़दादी ؒ पैदल चल रहे होते तो हाथ में किताब लिए उसका मुताला कर रहे होते। (सियर अलाम अन-नुबला, 18: 281) नह्व (व्याकरण) के ए...