जवानी की हिफ़ाज़त, जन्नत की ज़मानत

*ग़ैर-महराम से कभी हंस...
Ummah Post
27 November, 2024

जवानी की हिफ़ाज़त, जन्नत की ज़मानत

*ग़ैर-महराम से कभी हंस कर बात न करो*

*हमेशा अपना रवैया सख़्त (मज़बूत) रखो*

*तुम्हारा नर्म लहजा पता नहीं उसके दिल में क्या वसवसे (बुरे विचार) पैदा कर दे, जो दोनों के लिए हलाकत (तबाही) है*

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गुलाम का आका को हकीमाना (बुद्धिमत्तापूर्ण) तमाचा
लेख

गुलाम का आका को हकीमाना (बुद्धिमत्तापूर्ण) तमाचा

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