क़ुरआन में दो सूरतें 'वैल' (तबाही/अफ़सोस) से शुरू हुई हैं।...
Ummah Post
22 March, 2025

क़ुरआन में दो सूरतें 'वैल' (तबाही/अफ़सोस) से शुरू हुई हैं।

{ वैलुल-लिल मुतफ़्फ़िफ़ीन }।

{ वैलुल-लिकुल्लि हुमज़तिल-लुमज़ह }।

पहली लोगों के अमवाल (माल/संपत्ति) से मुतअल्लिक़ (संबंधित) है,

दूसरी लोगों की इज़्ज़तों/किरदार से मुतअल्लिक़ है।

लिहाज़ा दोनों के क़रीब मत जाइए।

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सहारे इंसान को खोखला कर देते हैं
लेख

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