"गुनाह बीज बोते हैं, और अपने जैसे दूसरे पैदा करते हैं; यहाँ...
Ummah Post
24 March, 2025

"गुनाह बीज बोते हैं, और अपने जैसे दूसरे पैदा करते हैं; यहाँ तक कि बंदे के लिए उनसे जुदा होना और उनसे निकलना मुश्किल हो जाता है!"

इमाम इब्न अल-क़ैय्यिम रहिमहुल्लाह

(अद-दाउ वद-दवा: ७७)

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हज़रत मौलाना हुसैन अहमद मदनी की बेमिसाल इस्तिक़ामत (दृढ़ता)
लेख

हज़रत मौलाना हुसैन अहमद मदनी की बेमिसाल इस्तिक़ामत (दृढ़ता)

एक बार हज़रत मौलाना हुसैन अहमद मदनी (रह.) पर ग़द्दारी (राजद्रोह) का मुक़दमा चला और फ़िरंगी (अंग्रेज़) की अदालत हॉल कराची में उनकी पेशी हुई। मौलाना मोहम्मद अली जौहर और बहुत सारे दूसरे अकाबरीन (वरिष्ठ नेता) भी वहाँ जमा थे। फ़िरंगी ने बुलाया और कहा, "हुसैन अहमद! यह जो तुमने फ़तवा दिया है कि अंग्रेज़ की...