जुदाई क्या है?
जुदाई न तो सफर है,
और न महबूब का अलग हो जान...
Ummah Post
24 March, 2025

जुदाई क्या है?

जुदाई न तो सफर है,

और न महबूब का अलग हो जाना,

यहाँ तक कि मौत भी जुदाई का सबब नहीं!

अनक़रीब (जल्द ही) हम सब आख़िरत में जमा होंगे।

जुदाई तो यह है,

कि हम में से एक जन्नत में जाए

और दूसरा आग में...!!!💔

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बा-जमात नमाज़ की अहमियत और मुफ़्ती मुहम्मद शफ़ी साहब की आज्ञाकारिता
लेख

बा-जमात नमाज़ की अहमियत और मुफ़्ती मुहम्मद शफ़ी साहब की आज्ञाकारिता

मुझे याद है कि देवबंद में जब मेरी उम्र तक़रीबन दस-बारह साल थी, एक दिन फज्र की नमाज़ के वक़्त सख़्त आंधी, मूसलाधार बारिश और गरज-चमक की बिना पर (वजह से) वालिद साहब (मुफ़्ती मुहम्मद शफ़ी साहब) मस्जिद तशरीफ़ न ले जा सके और नमाज़ घर में ही अदा फ़रमाई। उधर दादा अब्बा, जो मस्जिद के आशिक़ और नमाज़ बा-जमात क...