"जो कल तक दूसरों की ख़बरगीरी (देखभाल) करते थे, आज वे खुद बेख़बर हैं... हालात बदलते वक़्त नहीं लगता।"
Ummah Post
"जो कल तक दूसरों की ख़बरगीरी (देखभाल) करते थे, आज वे खुद बेख़बर हैं... हालात बदलते वक़्त नहीं लगता।"