कभी जान छुड़ाते थे किताबों से, अब जान बसती है किताबों में......
Ummah Post
25 March, 2025

कभी जान छुड़ाते थे किताबों से, अब जान बसती है किताबों में... ❤️😊

Share this article
जादुई मशीन
लेख

जादुई मशीन

यह कहानी सीरिया (शाम) में घटित हुई, जिसे एक दर्ज़ी के कारख़ाने के मालिक ने बयान किया है। कहानी के रावी (कथावाचक) कहते हैं: मैं एक दर्ज़ी के कारख़ाने का मालिक था। मेरी एक पड़ोसन थी जिसका शौहर (पति) फौत हो चुका था और उसने अपने पीछे तीन यतीम (अनाथ) बच्चे छोड़े थे। एक दिन वह मेरे कारख़ाने में आई और क...