۔🥀 _ अक्लमंद मियां-बीवी _ 🥀

अक्लमंद मियां-बीवी अपनी अना...
Ummah Post
26 March, 2025

۔🥀 _ अक्लमंद मियां-बीवी _ 🥀

अक्लमंद मियां-बीवी अपनी अना (अहंकार) को छोड़कर माफ़ी मांगने में पहल करते हैं, जबकि बेवक़ूफ़ मियां-बीवी अनापरस्ती (अहंकार) में अपना घर तबाह कर लेते हैं।

अक्लमंद मियां-बीवी एक-दूसरे पर हर वक़्त अपनी मर्जी मुसल्लत (थोपते) नहीं करते, बल्कि एक-दूसरे की पसंद-नापसंद का एहतराम (सम्मान) करते हैं, जबकि बेवक़ूफ़ मियां-बीवी एक-दूसरे को कंट्रोल करने की कोशिश में अपना रिश्ता तबाह कर लेते हैं।

अक्लमंद मियां-बीवी पूरी दुनिया के मुक़ाबले में एक-दूसरे का साथ देते हैं, जबकि बेवक़ूफ़ मियां-बीवी दूसरों को एक-दूसरे पर तरजीह (प्राथमिकता) देते हैं।

अक्लमंद मियां-बीवी का एक-दूसरे पर यक़ीनी एतमाद (पक्का भरोसा) होता है जो किसी अपने या ग़ैर की वजह से नहीं टूटता, जबकि बेवक़ूफ़ मियां-बीवी को अपने से ज़्यादा दूसरों पर एतमाद होता है जिसकी वजह से वे अपने रिश्ते ख़राब कर बैठते हैं।

अक्लमंद मियां-बीवी इत्तेहाद (एका) में एक और एक ग्यारह होते हैं, जबकि बेवक़ूफ़ मियां-बीवी बात-बात पर झगड़ कर तन्हा (अकेले) रह जाते हैं।

अक्लमंद मियां-बीवी ऐसी ज़िंदगी गुज़ारते हैं जो उनकी औलाद के लिए मिसाल हो, जबकि बेवक़ूफ़ मियां-बीवी आपस के झगड़ों और बदसलूकियों से औलाद को भी तबाही के रास्ते पर डाल देते हैं।

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