*नूर (आध्यात्मिक प्रकाश) ऐसे ही नहीं मिल जाता, तन्हाइयों में...
Ummah Post
1 April, 2025

*नूर (आध्यात्मिक प्रकाश) ऐसे ही नहीं मिल जाता, तन्हाइयों में भी मोमिन (सच्चा आस्तिक) बनना पड़ता है।* 💖

*`तन्हाई के गुनाह`*

क़यामत के दिन कुछ लोगों की पहाड़ जैसी नेकियाँ (पुण्य) गर्द-ओ-ग़ुबार (धूल) की तरह उड़ा कर बे-वज़न (वजनहीन) कर दी जाएंगी।

पूछा गया, "ये कौन लोग होंगे?"

फ़रमाया, "ये वो लोग होंगे जो ख़लवत (तन्हाई) में अल्लाह तआला की मुक़र्रर कर्दा (तय की हुई) हुदूद (सीमाओं) को पामाल (उल्लंघन) करते थे।" ❤‍🩹

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इमाम ज़ैनुल आबिदीन की गुप्त सेवा – इख़्लास (निःस्वार्थता) की एक बेमिसाल मिसाल
लेख

इमाम ज़ैनुल आबिदीन की गुप्त सेवा – इख़्लास (निःस्वार्थता) की एक बेमिसाल मिसाल

इमाम ज़ैनुल आबिदीन (रहमतुल्लाही अलैहि) को अल्लाह तआला ने बहुत ख़ूबसूरत जिस्म अता किया था। जब उनकी वफ़ात (मृत्यु) हुई और ग़स्साल (शव नहलाने वाला) उन्हें नहलाने लगा, तो उसने देखा कि उनके कंधे के ऊपर एक काला निशान है। उसे समझ नहीं आया कि यह काला निशान क्यों है? अहले-ख़ाना (परिवार वालों) से पूछा गया तो...