एक मिनट से भी ज़्यादा का वक़्त नहीं लगेगा कि हम "हैं" से "थे...
Ummah Post
2 April, 2025

एक मिनट से भी ज़्यादा का वक़्त नहीं लगेगा कि हम "हैं" से "थे" हो जाएंगे, और वक़्त की रेत से फिसल कर हम भी रुख़्सत (विदा) हो जाएंगे; बस हम भुला दिए जाएंगे चाहे हमारी जितनी भी अहमियत हो।

ज़िंदगी एक सफ़र है मंज़िल नहीं। 💞

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दुम कटा लोमड़ और बिगड़ा हुआ समाज
लेख

दुम कटा लोमड़ और बिगड़ा हुआ समाज

एक लोमड़ (सियार) की दुम (पूंछ) पर पत्थर आ गिरा, और दुम कट गई। एक दूसरे लोमड़ ने जब उसे देखा तो पूछा, "यह तुमने अपनी दुम क्यों काटी?" दुम कटा लोमड़ बोला, "इससे बड़ी खुशी और फरहत (आनंद) महसूस होती है। ऐसा लगता है जैसे हवाओं में उड़ रहा हूँ। वाह!! क्या मनोरंजन है!" बस घेर-घार कर (बहला-फुसलाकर) उ...