"खुशखबरी है उस व्यक्ति के लिए, जिसके अपने ऐबों (कमियों) ने उसे लोगों के ऐबों से गाफ़िल (बेखबर) कर रखा है; और तबाही है उस व्यक्ति के लिए, जो अपने ऐबों को भूलकर लोगों के ऐब टटोलता (ढूँढता) फिरता है!"
— इमाम इब्न अल-क़य्यिम (रहमतुल्लाही अलैहि)
(मिफ्ताह दार अस-सआदाह: 1/298)