عربی ششم

مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد 4
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد 4
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد 5
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد 5
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد 6
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد 6
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد 7
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد 7
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد 8
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد 8
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد 9
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد 9
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد ۱۰
مرقاۃ المفاتیح شرح مشکوٰۃ المصابیح جلد ۱۰
مرقاةالمفاتیح الجزءالحادی عشر
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شمائل ترمذی اردو
شمائل ترمذی اردو

50 रुपये वाली फोटो

50 रुपये वाली फोटो

एक फोटोग्राफर ने अपनी दुकान के बाहर एक बोर्ड लगाया हुआ था, जिस पर निम्नलिखित तीन बातें लिखी हुई थीं: "बीस रुपये में आप जैसे हैं, वैसी फोटो खिंचवाएं। तीस रुपये में आप जैसा सोचते हैं, वैसी फोटो खिंचवाएं। और, पचास रुपये में आप लोगों के सामने जैसा दिखना चाहते हैं, वैसी फोटो खिंचवाएं।" मरते समय उस फोटोग्राफर ने बताया कि मुझसे हमेशा लोगों ने 50 रुपये वाली फोटो ही खिंचवाई है... उसके कहने का मकसद (उद्देश्य) यह था कि (अक्सर) लोग पूरी ज़िंदगी दूसरों को दिखाने के लिए गुज़ार देते हैं। सारी ज़िंदगी दिखावा करते हैं, और बीस रुपये वाली ज़िंदगी नहीं जीते। आप जैसे भी हैं, बहुत अच्छे हैं... बीस रुपये वाली आसान और वास्तविक (حقیقی) ज़िंदगी जिएं, ज़्यादा ख़ुश रहेंगे।

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