عربی ششم

شرح عقیدہ طحاویہ
شرح عقیدہ طحاویہ
طرازی شرح سراجی
طرازی شرح سراجی
تسہیل بیضاوی شرح تفسیر بیضاوی
تسہیل بیضاوی شرح تفسیر بیضاوی
تنویر العینین بشرح تفسیر الجلالین المجلد الاول
تنویر العینین بشرح تفسیر الجلالین المجلد الاول
تنویر العینین بشرح تفسیر الجلالین المجلد الثانی
تنویر العینین بشرح تفسیر الجلالین المجلد الثانی
تنویر العینین بشرح تفسیر الجلالین المجلد الثالث
تنویر العینین بشرح تفسیر الجلالین المجلد الثالث
تنویر العینین بشرح تفسیر الجلالین المجلد الرابع
تنویر العینین بشرح تفسیر الجلالین المجلد الرابع
عقیدۃ الطحاوی مع الحواشی و الزیادات
عقیدۃ الطحاوی مع الحواشی و الزیادات
شرح عقیدہ طحاویہ
شرح عقیدہ طحاویہ

एक रात की कहानी (हातिम ताई और यतीम बच्चे की सख़ावत)

एक रात की कहानी (हातिम ताई और यतीम बच्चे की सख़ावत)

एक आदमी ने हातिम ताई से पूछा: "ऐ हातिम! क्या सख़ावत (उदारता) में कोई तुमसे आगे बढ़ा है?" हातिम ने जवाब दिया: "हाँ! कबीला-ए-तय का एक यतीम (अनाथ) बच्चा मुझसे ज़्यादा सखी निकला, जिसका किस्सा कुछ यूँ है कि सफर के दौरान मैं रात बिताने के लिए उसके घर गया। उसके पास कुल दस बकरियां थीं। उसने एक बकरी ज़ुबह की, उसका गोश्त तैयार किया और खाने के लिए मुझे पेश कर दिया। उसने खाने के लिए मुझे जो चीज़ें दीं, उनमें मगज़ (भेजा) भी था। मैंने उसे खाया तो मुझे बहुत पसंद आया और मैंने कहा: 'वाह सुभान अल्लाह! क्या खूब ज़ायका है!'" हातिम ने आगे बताया, "वह यतीम बच्चा तुरंत बाहर निकल गया और मेरी ना-इल्मी (अनजान) में उसने एक-एक करके अपनी सारी बकरियां ज़ुबह कर डालीं और सबके मगज़ मुझे पेश कर दिए। जब मैं सुबह वहाँ से रवाना होने लगा तो मैंने देखा कि घर के चारों तरफ़ हर तरफ़ खून ही खून बिखरा पड़ा है। मैंने उससे पूछा: 'तुमने अपनी सारी बकरियां क्यों ज़ुबह कर दीं?' उसने कहा: 'वाह, सुभान अल्लाह! आपको मेरी कोई चीज़ अच्छी लगे और मैं उसे खिलाने में कंजूसी करूँ, यह अरबों के लिए सबसे बदतरीन (बुरी) गाली है!'" हातिम से पूछा गया: "बदले में आपने उसे क्या दिया?" उन्होंने कहा: "तीन सौ सुर्ख (लाल) ऊँटनियां और पाँच सौ बकरियां!" इस पर लोगों ने कहा: "तो फिर आप उससे बड़े सखी हुए!" हातिम ताई ने जवाब दिया: "नहीं...! वह मुझसे ज़्यादा सखी है, क्योंकि उसने अपना सब कुछ लुटाकर सख़ावत की, जबकि मैंने तो अपने बहुत सारे माल में से थोड़ा सा खर्च करके सख़اवत की है।" (मन्क़ूल — चयन: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप)

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