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एक बार एक गधे ने एक लोमड़ी से कहा: "घास नीली है।" लोमड़ी ने जवाब दिया: "नहीं, घास हरी है।" बहस गर्म हुई, और दोनों ने इसे मध्यस्थता के लिए पेश करने का फ़ैसला किया, और इसके लिए वे जंगल के राजा शेर के सामने गए। जंगल के दरबार में पहुँचने से पहले, जहाँ शेर अपने सिंहासन पर बैठा था, गधा चिल्लाने लगा: "महामहिम, क्या यह सच नहीं है कि घास नीली है?" शेर ने जवाब दिया: "सच है, घास नीली है।" गधे ने उतावली की और कहा: "लोमड़ी मुझसे सहमत नहीं है, विरोध करती है और मेरा मज़ाक उड़ाती है, कृपया इसे सज़ा दें।" राजा ने फिर घोषणा की: "लोमड़ी को 1 महीने मौन (खामोश) रहने की सज़ा दी जाएगी।" गधा ख़ुशी से उछलता हुआ अपने रास्ते पर चल पड़ा, संतुष्ट होकर दोहराता रहा: "घास नीली है"... लोमड़ी ने अपनी सज़ा स्वीकार कर ली, लेकिन उससे पहले उसने शेर से पूछा: "महाराज, आपने मुझे सज़ा क्यों दी? आख़िर आप भी जानते हैं कि घास हरी है।" शेर ने जवाब दिया: "यह हक़ीक़त है कि घास हरी है।" लोमड़ी ने पूछा: "तो मुझे सज़ा क्यों दे रहे हैं?" शेर ने जवाब दिया: "इसका इस सवाल से कोई लेना-देना नहीं है कि घास नीली है या हरी। सज़ा इसलिए दी गई है क्योंकि तुम जैसी बुद्धिमान जीव के लिए यह शोभा नहीं देता कि वह गधे से बहस करके वक़्त ज़ाया (बर्बाद) करे और उसके ऊपर आकर मुझे और बाकी प्रजा को इस सवाल से परेशान करे।" याद रखिए! वक़्त की सबसे बड़ी बर्बादी उस मूर्ख, कट्टपंथ और बेवकूफ के साथ बहस करना है जिसे सच या हक़ीक़त की परवाह नहीं है, बल्कि वह सिर्फ़ अपने अंधविश्वास, व्यक्तिपूजा, मानसिक कल्पना और वहम को ही अपनी जीत समझता है। ऐसे मूर्खों पर अपना वक़्त बर्बाद न करें जिनका कोई मतलब नहीं... __________📝📝__________ मनक़ूल। चयन: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप __________📝📝__________
प्रशंसक
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