(१) अल्लाह तआला जब किसी को औलाद दे और वह सयानी (समझदार) होने लगे, तो सबसे पहले उसको कलमा-ए-तौहीद (एकेश्वरवाद का मूलमंत्र) सिखाए। फिर उसको ज़रूरी आदाब (शिष्टाचार) सिखाए।
(२) जब सामने आए तो सलाम करे।
(३) झूठ बोलने से उसको नफ़रत दिलाए।
(४) पर्दा और हया (शालीनता) की उसको शिक्षा (ताकीद) करे।
(५) लड़क...