*करीब (पास) क्या है?*
*क़यामत...!*
*और करीब तर (उससे भी ज़...
Ummah Post
12 June, 2025

*करीब (पास) क्या है?*

*क़यामत...!*

*और करीब तर (उससे भी ज़्यादा पास)?*

*मौत...!*

*अजीब क्या है?*

*दुनिया...!*

*और अजीब तर (उससे भी ज़्यादा अजीब)?*

*दुनिया की चाहत (طلبِ دنیا)...!*

*वाजिब (ज़रूरी) क्या है?*

*तौबा...!*

*और वाजिब तर (उससे भी ज़्यादा ज़रूरी)?*

*गुनाहों से बचना...!*

*मुश्किल क्या है?*

*कब्र में उतरना...!*

*और मुश्किल तर (उससे भी ज़्यादा मुश्किल)?*

*अमाल-ए-सालेह (नेक कर्मों) के बिना उतरना...!*

`लौट आओ अपने रब की तरफ`

Share this article
होने वाले शौहर का इम्तिहान: एक ईमान अफ़रोज़ वाक़या
लेख

होने वाले शौहर का इम्तिहान: एक ईमान अफ़रोज़ वाक़या

मेरे भाई ने मुझे अपने एक दोस्त से सुना हुआ सच्चा वाक़या सुनाया, जो मैं अपनी बहनों के लिए बतौरी नसीहत (सीख के रूप में) पेश कर रहा हूँ। मेरे एक अज़ीज़ (रिश्तेदार) पैरिस में काफ़ी समय से रह रहे हैं। वह अच्छे रोज़गार पर हैं, मगर अभी तक किसी वजह से अपना घर नहीं बसा सके थे। एक दिन वह मेरे पास आए और घर बसा...