और मंज़र भी मुहैय्या (उपलब्ध) थे बसारत (दृष्टि) को मगर...
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Ummah Post
30 August, 2025

और मंज़र भी मुहैय्या (उपलब्ध) थे बसारत (दृष्टि) को मगर...

मेरी आँखों ने फ़क़त (सर्फ़) आपका रास्ता देखा। 🌸

सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम (अल्लाह की रहमत और सलामती हो उन पर और उनकी आल पर)। 🤍

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अहसान का बदला
लेख

अहसान का बदला

बनू क़ुरैज़ा, जो यहूदियों का एक मशहूर क़बीला है, उसने रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के साथ अपने समझौते (मुआहिदे) का उल्लंघन करते हुए ग़ज़वा-ए-ख़न्दक़ (ख़न्दक़ की जंग) में कुफ़्फ़ार-ए-क़ुरैश की मदद की थी। मुसलमानों ने ग़ज़वा-ए-ख़न्दक़ से फ़ारिग होकर बनू क़ुरैज़ा पर हमला किया और तक़रीबन सारे क़...