मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने अपनी राजनीतिक मुहिम तेज कर दी है। सार्वजनिक जगहों पर अनुमति न मिलने के बाद विपक्ष ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर 'मॉक पार्लियामेंट' आयोजित करने का फैसला किया है।
कैसे चलेगी कार्यवाही?
सत्र दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा।
इसमें CEC के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से 'महाभियोग' प्रस्ताव लाया जाएगा।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार पूरी कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगी।
शुरुआत में खरगे प्रस्ताव पेश करेंगे, फिर अन्य नेता चर्चा में हिस्सा लेंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समापन भाषण देंगे।
होटल और रामलीला मैदान में नहीं मिली इजाजत
विपक्ष का आरोप है कि पहले अशोका होटल और फिर रामलीला मैदान में इस सत्र की अनुमति नहीं दी गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार उनके राजनीतिक अभियान को रोकने की कोशिश कर रही है। हालांकि विपक्ष 1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी विरोध रैली की तैयारी में है।
पूर्व जजों ने किया इनकार
शुरुआती योजना में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जजों और वरिष्ठ कानूनविदों को शामिल करने की बात थी। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता के अनुसार, कम से कम पांच पूर्व जजों ने कार्यक्रम में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया।
मंच से रखेंगे बात वोटर लिस्ट से कटे नाम वाले लोग
सत्र में सिर्फ विपक्षी सांसद ही नहीं, बल्कि सिविल सोसाइटी के लोग, छात्र नेता और वे आम मतदाता भी शामिल होंगे, जिनके नाम SIR के दौरान मतदाता सूची से कथित तौर पर हटा दिए गए। वे सीधे मंच से अपनी आपबीती साझा करेंगे।
विपक्ष के आरोप और मांगें
विपक्ष का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त चुनावी नियमों और लोकतांत्रिक सुरक्षा उपायों को कमजोर कर रहे हैं। विपक्षी दल पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर उन्हें पद से हटाने और 2023 के चुनाव आयुक्त संरक्षण कानून को वापस लेने की मांग कर चुके हैं।
नोट: ये सभी बातें विपक्ष के आरोपों और घोषित कार्यक्रम पर आधारित हैं।