जनता दल यूनाइटेड से हाल ही में निष्कासित मोकामा के विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में उनकी जमानत रद्द कर दी है और उन्हें 1 दिसंबर 2026 तक या उससे पहले अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
- जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीवी वराले की बेंच ने कहा कि पटना हाईकोर्ट का जमानत देने का फैसला गलत था।
- बेंच के अनुसार हाईकोर्ट ने अपराध की प्रकृति और अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास पर ध्यान नहीं दिया।
- इसलिए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए जमानत रद्द कर दी गई।
- कोर्ट ने कहा कि इस हत्याकांड को सिर्फ राजनीतिक विवाद के तौर पर देखना गलत है।
4 महीने में जांच पूरी करने के निर्देश
अदालत ने पुलिस को 4 महीने में जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। जांच अभी जारी है और मुकदमे के दौरान गवाहों से पूछताछ होगी।
क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?
- बिहार के मोकामा में 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की हत्या ने नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव पैदा कर दिया था।
- आरोप है कि 30 अक्टूबर 2025 को पटना जिले के तारतर गांव के पास जन सुराज उम्मीदवार प्रियदर्शी पीयूष और जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान यादव की हत्या हुई।
- झड़प में गोलीबारी, पथराव और लोगों को गाड़ी से कुचलने की कोशिश के आरोप सामने आए थे।
- दुलारचंद उस समय जन सुराज उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार कर रहे थे।
अनंत सिंह पर कार्रवाई
- इस मामले में अनंत सिंह और 4 अन्य के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
- 2 नवंबर को उन्हें दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया और बाद में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
- चुनाव आयोग ने भी बिहार पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
- इस घटना ने राज्य में चुनावी हिंसा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।