महाराष्ट्र FDA की त्योहारी सख्ती: 114 ठिकानों से 9.01 करोड़ का खाद्य सामान जब्त, पतंजलि का ₹20.20 लाख का गाय का घी भी जब्त; 19 कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित
त्योहारों के दौरान मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों के खिलाफ महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने विशेष अभियान चलाया। इसमें राज्य के 114 ठिकानों से करीब 3.53 लाख किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत 9.01 करोड़ रुपये है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चले इस अभियान में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के गंभीर उल्लंघन पर 19 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस और पंजीकरण भी निलंबित किए गए।
पतंजलि के घी पर कार्रवाई
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, छत्रपति संभाजीनगर के सुंदरवाड़ी में एक वितरक के यहां से पतंजलि गाय का 2,279.7 लीटर घी जब्त किया गया, जिसकी कीमत 20.20 लाख रुपये है। विभाग को पैकेजिंग पर गलत जानकारी और घी में मिलावट का संदेह था। इसी साल जुलाई में FDA ने 'शर्तिया इलाज' के दावों वाली पतंजलि की 51 लाख रुपये की दवाएं भी जब्त की थीं।
नोट: यह कार्रवाई संदेह के आधार पर हुई है। मिलावट की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
क्या-क्या जब्त हुआ?
खाद्य तेल, मसाले, चावल, दालें, गुड़, गेहूं और चने का आटा, घी, दूध से बने उत्पाद, मिठाइयां, नमकीन, सूखे मेवे, बेकरी उत्पाद और नूडल्स।
मंडलवार जब्ती
कोंकण मंडल: 22 प्रतिष्ठानों से 1.67 लाख किलो सामग्री, कीमत ₹5.27 करोड़। भिवंडी में एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड के यहां से विभिन्न ब्रांडों का 1,44,218 किलो खाद्य तेल जब्त हुआ, जो एक जगह से सबसे ज्यादा है।
पुणे: 29 प्रतिष्ठानों से 66,709 किलो, कीमत ₹1.47 करोड़।
छत्रपति संभाजीनगर: 22 प्रतिष्ठानों से 33,679 किलो, कीमत ₹89.41 लाख।
नागपुर: 20 प्रतिष्ठानों से 37,414 किलो, कीमत ₹53.57 लाख।
19 कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित
ग्रेटर मुंबई, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर मंडलों की मिठाई की दुकानों, नमकीन इकाइयों और मसाला निर्माताओं के लाइसेंस और पंजीकरण निलंबित हुए या निलंबन के आदेश दिए गए। निरीक्षण में ये खामियां मिलीं:
परिसर में कीड़े-मकोड़े और चूहे
गंदगी और खाद्य पदार्थों को खुला रखना
सामान का गलत भंडारण
कीट नियंत्रण के रिकॉर्ड का न होना
कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र न होना
होटल-ढाबों को नोटिस
नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर मंडलों में 34 होटल, रेस्तरां और ढाबों का निरीक्षण हुआ और स्वच्छता व खाद्य सुरक्षा में कमियों पर 29 नोटिस जारी किए गए।
यह अभियान अक्टूबर में राज्य के सभी सात मंडलों में चला, और 28 से 31 अक्टूबर के बीच निरीक्षण तेज किए गए।