عربی ششم

تسہیل بیضاوی شرح تفسیر بیضاوی
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تمرین المنطق
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قواعد النحو (آسان اور مکمل)
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درس شمائل ترمذی
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اشرف النبیین شرح اردو قصص النبیین جلد ۱
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اشرف النبیین شرح اردو قصص النبیین جلد ۲
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اشرف النبیین شرح اردو قصص النبیین جلد ۳
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القول النقی فی شرح جامع الترمذی جلد ۱
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القول النقی فی شرح جامع الترمذی جلد ۲
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तलाक का कारण...??

तलाक का कारण...??

कहते हैं एक अरबी व्यक्ति (اعرابی) ने अपनी बीवी को तलाक दे दी। कुछ लोग उसके पास पूछने और कारण मालूम करने आए कि उसने तलाक क्यों दी? वह कहने लगा: "वह अभी इद्दत (عدت) में है, अभी तक वह मेरी बीवी है और मुझे उससे रुजू (दोबारा रिश्ता जोड़ने) का हक हासिल है। अगर मैं उसके ऐब (कमियां) तुम्हारे सामने बयान कर दूं, तो रुजू कैसे करूंगा?" लोगों ने इंतज़ार किया और इद्दत खत्म हो गई, और उस शख्स ने रुजू नहीं किया। लोग दोबारा उसके पास आए तो... उसने कहा: "अगर मैंने अब उसके बारे में कुछ बताया, तो यह उसकी शख्सियत (चरित्र) को खराब करने के बराबर होगा और कोई भी उससे शादी नहीं करेगा!!" लोगों ने इंतज़ार किया यहाँ तक कि उस औरत की दूसरी जगह शादी हो गई। लोग फिर उसके पास आए और तलाक का कारण पूछने लगे। उस अरबी ने कहा: "अब चूंकि वह किसी और की इज़्ज़त है, और मरुअत (शराफत) का तकाज़ा यह है कि मैं पराई और अजनबी औरत के बारे में अपनी ज़ुबान बंद रखूँ...!!" यह तहरीर (लेख) उन लोगों के लिए है जो अपनी बीवी की गलतियाँ अपने दोस्तों और अज़ीज़ों को बताते फिरते हैं। दूसरों के ऐब छोड़ो; कभी अपने सामने भी आईना रखो।।

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